Gangster Arrest : पहचान छिपाकर टोल पर काट रहा था ‘फरारी’, दबोचा गया 20 केसों का आरोपी गैंगस्टर
द्वारका एक्सप्रेसवे टोल पर पुलिस की सर्जिकल स्ट्राइक: 28 दिन, 25 ठिकाने और सलाखों के पीछे रविंद्र देशवाल उर्फ 'बोरी'

Gangster Arrest : अपराध की दुनिया का एक ऐसा चेहरा, जिस पर हत्या, लूट और बलात्कार जैसे 20 से ज्यादा संगीन मामले दर्ज थे, वह बड़े ही शातिर तरीके से कानून की आंखों में धूल झोंक रहा था। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक साहसिक ऑपरेशन को अंजाम देते हुए कुख्यात इंटरस्टेट गैंगस्टर रविंद्र देशवाल उर्फ बोरी को गुरुग्राम के द्वारका एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा से गिरफ्तार कर लिया है।


पहचान बदलकर कर रहा था नौकरी
हैरानी की बात यह है कि जिस अपराधी को दिल्ली और हरियाणा की पुलिस सरगर्मी से तलाश रही थी, वह गुरुग्राम के टोल प्लाजा पर एक सामान्य कर्मचारी बनकर नौकरी कर रहा था। रविंद्र ने अपनी पहचान पूरी तरह छिपा ली थी ताकि किसी को उस पर शक न हो। वह एक आम आदमी की तरह ड्यूटी करता था और वहीं छिपकर अपनी ‘फरारी’ (फरार वक्त) काट रहा था। उसे लगा था कि भीड़भाड़ वाले टोल प्लाजा पर वह कभी पकड़ा नहीं जाएगा, लेकिन दिल्ली पुलिस की पैनी नजर उस तक पहुँच ही गई।
28 दिनों का कड़ा पीछा और 25 छापेमारी
रविंद्र को पकड़ना पुलिस के लिए कोई आसान काम नहीं था। दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम पिछले 28 दिनों से उसकी परछाई का पीछा कर रही थी। इस दौरान पुलिस ने दिल्ली, रोहतक, सोनीपत और गुरुग्राम के लगभग 25 संभावित ठिकानों पर छापेमारी की। गैंगस्टर बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहा था, जिससे वह पुलिस की पकड़ से बाहर था। अंत में, सटीक इनपुट के आधार पर पुलिस ने द्वारका एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा पर जाल बिछाया और उसे धर दबोचा।
खूंखार आपराधिक इतिहास
रविंद्र देशवाल उर्फ बोरी कोई छोटा-मोटा अपराधी नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार:
उस पर 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।
इसमें हत्या (Murder), लूट (Robbery) और बलात्कार (Rape) जैसे जघन्य अपराध शामिल हैं।
वह एक अंतरराज्यीय (Interstate) अपराधी है, जो दिल्ली और हरियाणा दोनों राज्यों में सक्रिय था।
निष्कर्ष
रविंद्र की गिरफ्तारी कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी जीत है। यह मामला याद दिलाता है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो और अपनी पहचान बदलने की कितनी भी कोशिश क्यों न कर ले, कानून के हाथ लंबे होते हैं। फिलहाल पुलिस उससे पूछताछ कर रही है ताकि उसके अन्य साथियों और वारदातों के बारे में सुराग मिल सके।













